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सामान्य ज्ञान II भारत की जनगणना

 

भारत की जनगणना 

  • पहली बार भारत की जनगणना 1872 में लार्ड मेयो ने किया .
  • भारत की नियमित जनगणना 1881 ई से लार्ड रिपन ने किया .
  • 2011 की जनगणना भारत की 15 वीं एवं स्वतंत्र भारत की 7 वीं जनगणना थी .
  • जनगणना का विभाजक वर्ष - 1921 ई.
  • भारत में सर्वाधिक जनसँख्या वृद्धि दर - 1971 ई .
  • भारत में अब जनसँख्या की तीसरी अवस्था में पहुँच चूका है जिसमे भारत की जन्म  दर में कमी एवं मृत्यु दर में तेजी से गिर रही है .
  • भारत की पहली जनसँख्या नीति-1976


जनगणना 2011 से जुड़े मतवपूर्ण तथ्य -

  • भारत की जनसँख्या - 121.09 करोड़ 
  • भारत कुल जनसँख्या में में पुरुषों की संख्या 51% एवं महिलाओं संख्या  की 48% है .
  • दशकीय जनसँख्या वृद्धि दर - 17.64%
  • औसत जनसँख्या वृद्धि दर 2001-2011 में  1.64% रही .
  • भारत की साक्षरता दर - 74.04% रही जिसमे पुरुष साक्षरता दर 82.14% एवं महिला साक्षरता दर 65.46% रही .
  • भारत की लिंगानुपात प्रति हजार पुरुषो पर - 940
  • जनसँख्या घनत्व - 382 प्रति वर्ग किलोमीटर .
सर्वाधिक जनसँख्या वाले शीर्ष 3 राज्य -  1.उत्तर प्रदेश 
  2.महाराष्ट्र 
  3.बिहार 
न्यूनतम जनसँख्या वाले शीर्ष 3 राज्य - 1.सिक्किम 
  2.मिजोरम 
  3.अरुणाचल प्रदेश 
सर्वाधिक दशकीय वृद्धि दर वाले  वाले शीर्ष 3 राज्य  1.मेघालय 
  2.अरुणाचल प्रदेश 
  3.बिहार 
न्यूनतम दशकीय वृद्धि दर वाले शीर्ष 3 राज्य -  1.नागालैंड 
  2.केरल 
  3.गोवा 
सर्वाधिक जनसँख्या घनत्व वाले शीर्ष 3 राज्य  1.बिहार 
  2.पश्चिम बंगाल 
  3.केरल 
न्यूनतम जनसंख्य घनत्व वाले शीर्ष 3 राज्य - 1.अरुणाचल प्रदेश 
  2.मिजोरम 
  3.नागालैंड 
सर्वाधिक लिंगानुपात वाले शीर्ष 3 राज्य -  1.केरल 
  2.तमिलनाडु 
. 3.आन्ध्र प्रदेश 
न्यूनतम लिंगानुपात वाले शीर्ष 3 राज्य  1.हरियाणा 
  2.जम्मू कश्मीर 
  3.सिक्किम 
सर्वाधिक साक्षरता दर वाले शीर्ष 3 राज्य  1.केरल 
  2.मिजोरम 
  3.गोवा 
न्यूनतम साक्षरता दर वाले शीर्ष 3 राज्य  1.बिहार 
  2.अरुणाचल प्रदेश 
  3.राजस्थान 

अन्य मुख्य तथ्य - 

  • सर्वाधिक पुरुष साक्षरता  प्रतिशत वाले 3 राज्य - केरल ,मिजोरम ,गोवा .
  • न्यूतम पुरुष साक्षरता प्रतिशत वाले 3 राज्य - बिहार ,अरुणाचल प्रदेश ,आन्ध्र प्रदेश .
  • सर्वाधिक महिला साक्षरता प्रतिशत वाले 3 राज्य - केरल ,मिजोरम ,त्रिपुरा .
  • न्यूनतम महिला साक्षरता प्रतिशत वाले 3 राज्य - राजस्थान ,बिहार ,झारखण्ड .
  • सर्वाधिक शिशु  लिंगानुपात वाले 3 राज्य - मिजोरम ,मेघालय ,छत्तीसगढ़ .
  • न्यूनतम शिशु लिंगानुपात वाले 3 राज्य - हरियाणा ,पंजाब ,जम्मू कश्मीर 

नोट - उपर्युक्त आंकड़े में केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल नही किया गया है . आगले भाग में केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित आकडे आप लोगो से साझा करूँगा .

भारत का भूगोल II मृदा



भारत की मृदा का वर्गीकरण


  • जलोढ़ मिटटी
  • काली/रेगूर मिटटी
  • लाल पीली मिटटी
  • लैटेराईट  मिटटी
  • मरुस्थलीय या शुष्क मिटटी
  • लवणीय /रेह/कल्लर मिटटी
  • पीट एवं दलदली मिटटी


जलोढ़ मिटटी
  • नदियों के द्वारा लाई गई अवसादों के जमा होने से बनी मिटटी को जलोढ़ मिटटी कहा जाता है .
  • भारत के कुल क्षेत्रफल के 40% भाग पर जलोढ़ मिटटी पाई जाती है .
  • यह दो प्रकार की होती है - 1. बांगर - यह नदियों के द्वारा लाई गई अवसादों की पुरानी मिटटी है .2.खादर - यह नदियों के द्वारा लाई गई नई मिटटी होती है जो बांगर के अपेक्षा ज्यादा उपजाऊ होती है .

काली/रेगुर  मिटटी
  • इसे रेगर या कपास वाली मिटटी कहा जाता है .
  • ज्वालामुखी उद्गार के कारण लावा के जमने से बनी मिटटी को काली मिटटी कहा जाता है .
  • इसकी जल धारण क्षमता अधिक होती है .
  • यह मिटटी मुख्यतः दक्कन के पठार में पाई जाती है .
  • यह महाराष्ट्र ,गुजरात , आन्ध्र प्रदेश में इस मिटटी का विस्तार है .
लाल- पीली मिटटी
  • मुख्यतः मध्य भारत एवं दक्षिण के कुछ भागों में इसका विस्तार है .
  • लोहे की उपस्थिति के कारण लाल होता है .
  • धान की फसल के लिए उपयुक्त .
लेटेराईट मिटटी
  • इसे भाठा या मुरमी मिटटी भी कहा जाता है .
  • पर्वतीय इलाकों में मुख्यतः पाई जाती है .
  • अधिक वर्षा के कारण खनिज पदार्थ के नीचे चले जाने से बनी मिटटी को लेटेराईट मिटटी कहा जाता है .
  • बगानी की फसल अच्छी होती है .
मरुस्थलीय या शुष्क मिटटी
  • यह उन क्षेत्रों में पाई जाती है जहाँ वर्षा बहुत कम होती है जैसे थार के मरुस्थल .
  • इसमें नमक की मात्र अधिक होती है .
लवणीय /रेह/कल्लर मिटटी
  • अधिक सिंचाई के कारण बनी मिटटी को लवणीय /रेह/कल्लर मिटटी कहा जाता है .
  • ज्यदातर इसका विस्तार उत्तर भारत में है .
पीट या दलदली मिटटी
  • पीट या दलदली मिटटी नदियों के डेल्टाई क्षेत्र में पाई जाती है .
  • सुंदरवन का डेल्टा इसका उदहारण है .

मिटटी का नाम प्रमुख क्षेत्र
जलोढ़ मिटटी उत्तरी भारत (सिन्धु ,गंगा ,ब्रम्हपुत्र का मैदान ,तटीय क्षेत्र )
काली मिटटी दक्कन का पठार (सर्वाधिक महाराष्ट्र)
लाल पीली मिटटी प्रायद्वीपीय पठार
लैटेराइट मिटटी कर्नाटक,केरल
मरुस्थलीय या शुष्क मिटटी हिमालय पर्वतीय क्षेत्र ,प्रायद्वीपीय भारत ,पश्चिमी राजस्थान
लवणीय/रेह/कल्लर प. गुजरात ,सुन्दर वन ,डेल्टा क्षेत्र
पीट एवं दलदली मिटटी तटीय क्षेत्र (सुंदरवन में सर्वाधिक )


याद रखने वाली महत्वपूर्ण बातें -
  • भारत की सर्वाधिक महत्वपूर्ण मिटटी - जलोढ़ मिटटी 
  • क्षेत्रफल के आधार पर अवरोही क्रम - जलोढ़ ,लालपीली ,काली ,लैटेराइट
  • कपास की खेती के लिए सर्वोत्तम मिटटी - काली मिटटी 
  • काली मिटटी का स्थानीय नाम - रेगुर मिटटी 









नोट्स & क्विज :भारत का भूगोल II वनस्पति

 

भारत की वनस्पति 

वनस्पति से तात्पर्य किसी भूभाग में उगने वाले पेड़ पौधों से है .किसी भूभाग में किस प्रकार के पेड़ पौधे उगेगे , यह निम्न कारको पर निर्भर करता है -

  • भूभाग 
  • मृदा 
  • तापमान 
  • वर्षण
  • सूर्यप्रकाश 




भारतीय वनस्पति के प्रकार 

  1. उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन 
  2. उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन 
  3. उष्ण कटिबंधीय कंटीले वन एवं झाड़ियाँ 
  4. पर्वतीय वन 
  5. मेंग्रोव वन 


उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन 

  • जिस क्षेत्र में 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है , उस क्षेत्र में सदाबहार वन पाई जाती है .
  • पेड़ पौधे 60 से मी से भी ऊँचे होते है .
  • पतझड़ का समय निश्चित नही होता है .
  • आर्थिक दृष्टि से इन पेड़ों का महत्व बहुत कम है .
  • इस प्रकार की वनस्पति लक्षद्वीप , अंडमान निकोबार द्वीप , पश्चिमी घाट , असम के उपरी भाग एवं तमिलनाडु के आस पास पाई जाती है .
  • उदाहरण - आबनूस ,महोगनी ,रोज्बुड , रबड़ एवं सिनकोना .

उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन 

  • उष्ण कटिबंधीय वन को दो भागों में बांटा जा सकता है - आर्द्र या नम एवं शुष्क 
  • जिस क्षेत्र में 200 से 100 सेमी तक वर्षा होती है , उस क्षेत्र में आर्द्र वनस्पति एवं जहाँ 70 से 100 सेमी तक वर्षा होती है वह शुष्क वनस्पति पाई जाती है .
  • उष्ण कटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वनस्पति की बात करे तो यह मुख्य रूप से उत्तर पूर्वी भाग , हिमालय की तराई, झारखण्ड , छत्तीसगढ़ ,पश्चिमी ओडिशा एवं पश्चिमी घाट में मिलती है .
  • उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन बिहार एवं उत्तर प्रदेश के इलाकों में पाई जाती है .
  • उदहारण - शीशम , सागौन ,बांस , चन्दन , नीम, साल .

कंटीले वन एवं झाड़ियाँ 

  • जहाँ 70 सेमी से कम वर्षा होती है .
  • गुजरात , राजस्थान,मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ ,उत्तर प्रदेश , हरियाणा में इस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है .
  • उदाहरण - अकसिया , खजूर ,नागफनी , युफोरोबिया 


पर्वतीय वन 

  • पर्वतीय वन ऊंचाई के साथ साथ अलग प्रकार की वनस्पति पाई जाती है .
  • 2000-4000 मी की उचाई में चौड़े पत्ती वाले पर्णपाती वन पाई जाती है जैसे - चिनार ,स्फूस,ओके ,चेस्ट नट .
  • 2400-3000 मी के ऊंचाई में सदाबहार शोलावन पाई जाती है जैसे - देवदार ,चिड ,पाइन,फर.
  • 3300-4200 मी की ऊंचाई में पाई जाने वाली वन को शीत या टुन्ड्रा वन कहा जाता है .

मेंग्रोव वन 

  • नदियों के डेल्टा भाग में पाई जाने वाली वन को मेंग्रोव वन कहा जाता है .
  • गंगा ब्रम्हपुत्र के डेल्टा में सुन्दरी वृक्ष पाई जाती है .
  • उदहारण - नारियल , ताड ,क्योरा




अब इन प्रश्नों के उत्तर दें -

नोट्स & क्विज : भारत का भूगोल-11 II जलवायु

 भारत की जलवायु

 भारत की जलवायु को मानसूनी जलवायु माना जाता है। 

मानसून शब्द की उत्पत्ति अरबी शब्द 'मौसिम' से हुई है 

पवनो की दिशा में परिवर्तन के कारण भारत की जलवायु को चार प्रमुख ऋतुओं में बाँट सकते है - 1.ग्रीष्म ऋतू 2.वर्षा ऋतु 3.शरद ऋतू 4.शीत ऋतु



ग्रीष्म ऋतु (मार्च से मई )

  • सूर्य के उत्तरायण होने से उत्तर भारत में तापमान बढ़ जाती है .
  • ग्रीष्म ऋतु में उत्तर भारत में चलने वाली तेज,गर्म एवं शुष्क हवाओं को लू के नाम से जाना जाता है .
  • इस ऋतु में उत्तर भारत में होने वाली वर्षा को मानसून पूर्व वर्षा कहा जाता है .
  • मानसून पूर्व वर्षा के कुछ स्थानीय नाम निम्न है -

काल बैशाखी - पश्चिम बंगाल 

बोर्डोचिली - असम 

नोर्वेस्टर - पूर्वी भारत 

आम्र वृष्टि - दक्षिण भारत 

चेरी ब्लोसोम्स - कर्नाटक

वर्षा ऋतु(जून से सितम्बर )

भारत में वर्षा हिन्द महासागर में उठने वाली दक्षिण पश्चिम पवनों के कारण होती है .

1 जून को यह केरल तट से टकराती है और यह दो शाखाओ में बंट जाती है - 1.बंगाल की खाड़ी 2.अरब सागर .

  • भारत में सर्वाधिक वर्षा दक्षिण पश्चिम मानसून से होती है .
  • भारत के मेघालय राज्य के मानिस राम विश्व में सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र है .
  • सबसे कम वर्षा भारत के लेह क्षेत्र में होती है .

शरद ऋतु(अक्टूबर से दिसम्बर )

  • इस ऋतु में मानसून का निर्वर्तन प्रारंभ होता  होता है .
  • मानसून के लौटने से उत्तर भारत में वर्षा नही होती है .
  • बंगाल की खाड़ी में कई चक्रवातीय तूफान विकसित होते है .

शीत ऋतु(मध्य दिसम्बर से फ़रवरी )

  • इस समय मानसून की दिशा उत्तर पूर्वी से दक्षिण पश्चिम की और हो जाती है .
  • उत्तर पूर्वी मानसून को लौटते मानसून कहा जाता है .
  • लौटे हुए मानसून से सर्वाधिक वर्षा तमिलनाडु में होती है .
  • इस मौसम में पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में वर्षा होती है .

नोट -

  • जिस वर्ष प्रशांत महासागर में एलिनो की उत्पत्ति होती है उस वर्ष मानसून कमजोर होता है .
  • जिस वर्ष प्रशांत महासागर में ला नि नो की उत्पत्ति होती है , उस वर्षा मानसून मजबूत होता है .
  • जिस साल अरब सागर में गर्म जलधारा बहती है , उस वर्ष मानसून कमजोर होता है .
  • जिस साल तिब्बत के पठार में प्रतिचाक्रावती दशा उत्पन्न होगो , उस वर्ष भारत में मानसून कमजोर होगी .


अब इन प्रश्नों के उत्तर दें -

नोट्स & क्विज : भारत का भूगोल - 10 II प्रायद्वीप पठार के प्रमुख पर्वत

 

अरावली पर्वत 

  • विस्तार - गुजरात से दिल्ली तक 
  • विश्व का सबसे प्राचीनतम पर्वत 
  • यह एक अवशिष्ट पर्वत है .
  • सबसे ऊँची चोटी - गुरु शिखर 
  • प्रमुख पर्यटक स्थल - माउंट आबू 


विन्ध्याचल पर्वत 

  • इसे पश्चिमी मप्र में भरनार श्रेणी , पूर्व मप्र व् उप्र में विन्ध्याचल एवं झारखण्ड में कैमूर के नाम से जाना जाता है .
  • यह एक भ्रंशोद एवं अवशिष्ट पर्वत है .
  • विस्तार - गुजरात से बिहार तक 

सतपुड़ा पर्वत 

  • यह भी एक भ्रन्शोद पर्वत है .
  • विस्तार - गुजरात से छग तक 
  • इसे छग में मैकल श्रेणी के नाम से जाना जाता है .
  • सबसे ऊँची चोटी - धूपगढ़

सह्याद्री पर्वत 

  • विस्तार - महाराष्ट्र से केरल तक 
  • ऊँची चोटी - कलसुबाई 
  • प्रमुख पर्यटक स्थल - महाबलेश्वर 

नोट - 

थाल घाट दर्रा - मुंबई को नासिक से जोडती है , इसे मुंबई का प्रवेश द्वार कहा जाता है .
भोरघाट दर्रा - मुंबई को पुणे से जोडती है , इसे गोवा का प्रवेश द्वार कहा जाता है .
पाल घाट - कोचीन को कोयम्बटूर से जोडती है , इसे कर्णाटक का प्रवेश द्वार कहा जाता है .
सिनकोटा - त्रिवेंद्रम को मदुरई से जोडती है 

अन्नामलाई पर्वत 

  • विस्तार - केरल से तमिलनाडु तक 
  • सबसे ऊँची चोटी - अन्नामुड़ी
  • कारडेमम - सबसे दक्षिण विस्तार 
  • शोलावान पाए जाते है .

निलगिरी पर्वत 

  • विस्तार - तमिलनाडु से कर्नाटक तक 
  • ऊँची चोटी - दादा बेटा
  • पूर्वी घाट एवं पश्चिमी घाट को जोड़ता है .
  • निलिगिरी में स्थित मेलागिरी चन्दन के लिए प्रसिद्ध है .
  • पर्यटक स्थल - ऊँटी (दक्षिण भारत का बॉलीवुड )

नोट्स & क्विज : भारत का भूगोल - 9 II भारत के प्रमुख बंदरगाह

 भारत का बंदरगाह को मुख्य रूप से दो भागो में बांटा जा सकता है - 

  1. पूर्वी तक के बंदरगाह - तमिलनाडु से पश्चिम बंगाल तक 
  2. पश्चिमी तक के बन्दरगाह - गुजरात से केरल तक 


पूर्वी तट के बंदरगाह 

 
  • चेन्नई बंदरगाह - यह तमिल नाडू में स्थित सबसे प्राचीन मानवनिर्मित बंदरगाह है .पेट्रोलियम आयत एवं चमड़े का निर्यात किया जाता है .
  • तूतीकोरिन बंदरगाह - यह भी तमिलनाडु के मन्नार की खाड़ी में स्थित बंदरगाह है .मोतियों के निर्यात के लिए प्रसिद्ध है .
  • एन्नोर - भारत का पहला निगमित बंदरगाह है /यह तमिलनाडु में स्थित है .यह पूरी तरह से कंप्यूटररिज्ड बंदरगाह है .
  • विशाखा पट्टनम बन्दरगाह - यह आन्ध्र प्रदेश में स्थित भारत का सबसे गहरा बंदरगाह है .इस बंदरगाह से जापान को लोहा निर्यात किया जाता है .
  • पाराद्वीप - ओडिशा के कटक में स्थित है .पेट्रोलियम आयात किया जाता है .
  • कलकत्ता एवं हल्दिया बंदरगाह - यह पश्चिम बंगाल में स्थित  एक नदी बंदरगाह है, जो हुगली नदी के तट पर बनी है .

भारत के पश्चिमी तट पर स्थित बंदरगाह 

 
  • कांडला बंदरगाह - यह गुजरात में स्थित एक ज्वारीय प्राकृतिक  बंदरगाह है .कराची बंदरगाह की कमी को पूरा करने के लिए इसे विकसित किया गया है .
  • मुंबई - यह महाराष्ट्र में स्थित भारत का सबसे बड़ा प्राचीन प्राकृतिक बंदरगाह है .
  • जवाहरलाल नेहरु /न्यावाशोवा बंदरगाह - यह महाराष्ट्र में स्थित एक कृत्रिम  बंदरगाह है .आधुनिक सुविधाओं से युक्त मुंबई की एक सहायक बंदरगाह है .
  • मर्मगोवा - यह गोवा में स्थित बंदरगाह है .
  • मंगर्लोर - यह कर्नाटक में है .लोहा कुद्रेमुख के खदान से पाइपलाइन के द्वारा इस बंदरगाह तक लाया जाता है .
  • कोच्ची - केरल में स्थित प्राकृतिक बंदरगाह है जहाँ से मसालों का निर्यात किया जाता है .

notes & quiz : भारत का भूगोल 8 I प्रमुख झीलें

 प्राकृतिक झीलें - प्राकृतिक कारणों से बनी झीलें प्राकृतिक झीलें कहलाती है .जैसे - वुलर झील , दल झील , चिल्का झील .

कृत्रिम झील - वह झील जिसे मनुष्य ने स्वयं बनाये उसे कृत्रिम झील कहा जाता है .जैसे - पंजाब -गोविन्द सागर ,उप्र-गोविन्द वल्लभ सागर .



जम्मू कश्मीर में स्थित झील -

  • वुलर झील - भारत का सबसे मीठी पानी का झील .
  • डल झील 
  • बेरीनाग झील 
  • अनंत नाग 
  • शेष नाग 
  • नागिन 
उत्तराखंड में स्थित झील -
  • नैनी ताल 
  • राकसताल 
  • सात ताल 
  • देव ताल 
  • खुर्पाताल 
राजस्थान में स्थित झील 
  • सांभर झील 
  • डीडवाना
महाराष्ट्र में स्थित झील 
  • कोयना झील 
  • लोनार झील 
केरल में स्थित झील 
  • बेम्बानाड झील 
  • अष्ट मुड़ी 
आन्ध्र प्रदेश में स्थित झील 
  • कोलेरू झील 
  • पुलिकट झील 
ओडिशा में स्थित झील 
  • चिल्का झील 
मणिपुर में स्थित झील 
  • लोकटक झील 
झीलों  से संबंधित कुछ अन्य बातें -
  • भारत की सबसे बड़ी लैगून झील - चिल्का झील (ओडिशा )
  • भारत की सबसे खारे पानी का झील - सांभर झील (राजस्थान )
  • भारत की सबसे मीठे पानी का झील - वुलर झील (जम्मू कश्मीर )
  • भारत के उत्तर पूर्वी में स्थित एक मात्र झील - लोकटक (मणिपुर )
  • भारत का उल्कपातीय झील - लोनार झील (महाराष्ट्र )
  • भारत का एकमात्र गोखुर झील - वुलर झील