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सामान्य ज्ञान - छग राज्य की सीमाएं एवं पड़ोसी राज्य

  •  छग  राज्य एक भू आवेष्ठित राज्य जो  चारों ओर से राज्यों से घिरा है . किसी अंतर्राष्ट्रीय सीमा को स्पर्श नहीं करता है .
  • छग राज्य 7 राज्यों से घिरा है - ओडिशा , झारखण्ड , उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र , तेलांगना,आन्ध्र प्रदेश .
  • छग राज्य से पडोसी राज्यों की स्थिति -
पूर्व में - ओडिशा  
उत्तर पूर्व में - झारखण्ड 
उत्तर में - उत्तर प्रदेश 
पश्चिम उत्तर - मध्य प्रदेश 
पश्चिम - महाराष्ट्र 
दक्षिण पश्चिम - तेलांगना 
दक्षिण में - आन्ध्र प्रदेश 

उत्तर प्रदेश -  छग राज्य के केवल 01 जिला  - बलरामपुर को स्पर्श करती है .
आन्ध्र प्रदेश -  छग राज्य के केवल 01 जिला  -सुकमा को   स्पर्श करती है .
झारखण्ड - छग राज्य के केवल 02  जिले- बलरामपुर एवं  जशपुर  को स्पर्श करती है . 
तेलांगना - छग राज्य के केवल 02  जिले- बीजापुर  एवं  सुकमा  को स्पर्श करती है .
महाराष्ट्र - छग राज्य के कुल  05 जिले -  राजनांदगांव , मोहला मानपुर अम्बागढ़ ,कांकेर, नारायणपुर , बीजापुर  को स्पर्श करती है . 
मध्य प्रदेश - छग के कुल 09  जिले -  1.बलरामपुर , 2.सूरजपुर , 3.कोरिया , 4.म.चि.भ , 5.गोरिल्ला पेंड्रा                मरवाही  6.मुंगेली , 7.कवर्धा , 8.खैरागढ़-छुई खदान - गंडई 9.राजनांद गाँव को स्पर्श करती है .
ओडिशा - छग के कुल  09  जिले - 1. जशपुर 2. रायगढ़  3.सारंगढ़ 4.महासमुंद 5. गरियांबंद , 6. धमतरी  
7. कोंडागाँव 8. बस्तर 9. सुकमा  को स्पर्श करती है .



  • छग की सबसे लम्बी सीमा को सपर्श करने राज्य - ओडिशा 
  • छग की सबसे कम सीमा को स्पर्श करने वाला राज्य - आन्ध्र प्रदेश 
  • छग की सबसे अधिक जिलों को स्पर्श करने वाला राज्य - 09 जिले, ओडिशा एवं मध्य प्रदेश 
  • छग की सबसे कम जिलों को स्पर्श करने वाला राज्य - 01 जिला , उत्तर प्रदेश एवं आन्ध्र प्रदेश      
यदि आपने ऊपर दी गई जानकारी पढ़ लिए है तो नीचे दिये गए MCQ का उत्तर दें -       
     

छग सामान्य ज्ञान - छग का भौगोलिक स्थिति एवं विस्तार

छग की अंक्षाशीय एवं देशंतारीय विस्तार - 



  • 17'46" (कोंटा ,सुकमा जिला ) से 24'5" (सुंदरी गाँव , बलरामपुर जिला  ) उत्तरी अंक्षाश तक 
  • 80'15" (भद्रकाली , बीजापुर ) से 84'25" (गिरला , जशपुर ) पूर्वी देशांतर तक 



कर्क रेखा (23'1/2")  - छग के कुल 4 जिलों से होकर गुजरती है - मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर , कोरिया (सबसे कम ), सूरजपुर , बलरामपुर (सर्वाधिक )

भारतीय मानक समय रेखा (82'1/2") छग के 7 जिलों से होकर गुजरती है - कोरिया , सूरजपुर ,कोरबा  , जांजगीर चंपा , बलौदाबाजार , महासमुंद , गरियाबंद ,.
 कर्क रेखा एवं भारतीय मानक समय रेखा एक दुसरे को कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र की बालम की पहाड़ी में काटता है .





नोट्स -
  • छग का सबसे पूर्ववर्ती बिंदु एवं  जिला  - गिरला , जशपुर जिला 
  • छग का सबसे पश्चिमी बिंदु एवं जिला - भद्रकाली , बीजापुर जिला 
  • छग का सबसे उत्तरवर्ती बिंदु एवं जिला - सुंदरी गाँव , बलरामपुर जिला
  • छग का सबसे दक्षिणतम बिंदु एवं जिला - कोंटा ,सुकमा जिला
  • छग का उत्तर से दक्षिण तक की लम्बाई - 700 से 800 किलोमीटर 
  • छग पूर्व से पश्चिम की लम्बाई - 435 किलोमीटर 
Here are 10 MCQs based on the provided information about Chhattisgarh's latitudinal and longitudinal expansion:

1. छत्तीसगढ़ का उत्तरी अक्षांशीय विस्तार किस स्थान से किस स्थान तक है?
a) 17'46" से 24'5" उत्तरी अंक्षाश तक 
b) 15'30"  से 26'10" उत्तरी अंक्षाश तक 
c) 18'15" से 23'50" उत्तरी अंक्षाश तक 
d) 20'00" से 24'10" उत्तरी अंक्षाश तक 

उत्तर: a) 17'46"  से 24'5" उत्तरी अंक्षाश तक 
व्याख्या: छत्तीसगढ़ का उत्तरी अक्षांशीय विस्तार कोंटा (सुकमा जिला) से सुंदरी गाँव (बलरामपुर जिला) तक है।


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2. छत्तीसगढ़ का देशांतर विस्तार किस बिंदु से किस बिंदु तक है?
a) 79'15"  से 85'30" पूर्वी देशांतर तक 
b) 81'25" से 83'20" पूर्वी देशांतर तक 
c) 80'15"  से 84'25" पूर्वी देशांतर तक 
d) 78'50"से 85'15" पूर्वी देशांतर तक 

उत्तर: c) 80'15"  से 84'25"पूर्वी देशांतर तक 
व्याख्या: छत्तीसगढ़ का देशांतर विस्तार भद्रकाली (बीजापुर जिला) से गिरला (जशपुर जिला) तक है।


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3. कर्क रेखा छत्तीसगढ़ के कितने जिलों से होकर गुजरती है?
a) 3
b) 4
c) 5
d) 6

उत्तर: b) 4
व्याख्या: कर्क रेखा छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों से होकर गुजरती है।


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4. छत्तीसगढ़ के किस जिले से कर्क रेखा सबसे कम गुजरती है?
a) बलरामपुर
b) सूरजपुर
c) कोरिया
d) महासमुंद

उत्तर: c) कोरिया
व्याख्या: कर्क रेखा छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से सबसे कम गुजरती है।


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5. भारतीय मानक समय रेखा छत्तीसगढ़ के कितने जिलों से होकर गुजरती है?
a) 5
b) 6
c) 7
d) 8

उत्तर: c) 7
व्याख्या: भारतीय मानक समय रेखा छत्तीसगढ़ के 7 जिलों से होकर गुजरती है।


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6. छत्तीसगढ़ के कौन से जिले से कर्क रेखा और भारतीय मानक समय रेखा एक-दूसरे को काटते हैं?
a) कोरिया
b) सूरजपुर
c) जशपुर
d) बलरामपुर

उत्तर: a) कोरिया
व्याख्या: कर्क रेखा और भारतीय मानक समय रेखा एक-दूसरे को कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र की बालम की पहाड़ी में काटते हैं।


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7. छत्तीसगढ़ का सबसे पूर्वी बिंदु कौन सा है?
a) सुंदरी गाँव, बलरामपुर
b) गिरला, जशपुर
c) कोंटा, सुकमा
d) भद्रकाली, बीजापुर

उत्तर: b) गिरला, जशपुर
व्याख्या: गिरला, जशपुर जिला छत्तीसगढ़ का सबसे पूर्वी बिंदु है।


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8. छत्तीसगढ़ का सबसे पश्चिमी बिंदु कौन सा है?
a) सुंदरी गाँव, बलरामपुर
b) गिरला, जशपुर
c) कोंटा, सुकमा
d) भद्रकाली, बीजापुर

उत्तर: d) भद्रकाली, बीजापुर
व्याख्या: भद्रकाली, बीजापुर जिला छत्तीसगढ़ का सबसे पश्चिमी बिंदु है।


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9. छत्तीसगढ़ का सबसे उत्तरी बिंदु कौन सा है?
a) सुंदरी गाँव, बलरामपुर
b) गिरला, जशपुर
c) कोंटा, सुकमा
d) भद्रकाली, बीजापुर

उत्तर: a) सुंदरी गाँव, बलरामपुर
व्याख्या: सुंदरी गाँव, बलरामपुर जिला छत्तीसगढ़ का सबसे उत्तरी बिंदु है।


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10. छत्तीसगढ़ का उत्तर से दक्षिण तक का विस्तार कितने किलोमीटर का है?
a) 300 से 400 किलोमीटर
b) 500 से 600 किलोमीटर
c) 700 से 800 किलोमीटर
d) 900 से 1000 किलोमीटर

उत्तर: c) 700 से 800 किलोमीटर
व्याख्या: छत्तीसगढ़ का उत्तर से दक्षिण तक का विस्तार 700 से 800 किलोमीटर है।



छग का भूगोल II छग की भौगोलिक स्थिति एवं सीमाएं

 ✔छग की अंक्षशीय स्थिति - 17'46" उत्तरी अंक्षाश से 24'5" उत्तरी अंक्षाश तक 

✔छग की देशांतरीय स्थिति - 80'15'' पूर्वी देशांतर से 84'25'' पूर्वी देशांतर तक 

✔कर्क रेखा 23'5'' छग के 3 जिलों से होकर गुजरती है - कोरिया ,सूरजपुर ,बलरामपुर .

✔भारतीय मानक समय रेखा भी छग से होकर गुजरती है .यह सूरजपुर ,बलरामपुर ,सरगुजा ,कोरबा ,जांजगीर चंपा ,बलौदाबाजार ,महासमुंद एवं गरियाबंद जिलों से होकर गुजरती है .

✔कर्क रेखा एवं भारतीय मानक समय रेखा कोरिया जिले के बालम पहाड़ी पर काटती है .

✔छग की पूर्व से पश्चिम की लम्बाई 435 किमी है .

✔छग की उत्तर से दक्षिण की लम्बाई 700 किमी है .



छग की पडोसी राज्य एवं उनको स्पर्श करने वाले जिले -




क्रमांक राज्य स्पर्श करने वाले जिले स्पर्श करने वाले जिलों की संख्या
1 मध्य प्रदेश बलरामपुर ,सूरजपुर ,कोरिया ,गौरेल पेंड्रा मरवाही ,मुंगेली ,कवर्धा ,राजनंद गाँव 07
2 महाराष्ट्र राजनांदगाँव ,कांकेर,नारायणपुर ,बीजापुर 04
3 तेलांगना बीजापुर ,सुकमा 02
4 आन्ध्र प्रदेश सुकमा 01
5 ओडिशा जशपुर ,रायगढ़ ,महासमुंद ,गरियाबंद ,धमतरी ,कोंडगांव ,बस्तर ,सुकमा 08
6 झारखण्ड जशपुर ,बलरामपुर 02
7 उत्तर प्रदेश बलरामपुर 01

याद रखने महतवपूर्ण तथ्य -
छग राज्य एक भू आवेष्ठित राज्य है अर्थात यह किसी भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा की स्पर्श नही करती है .
✔छग की सीमा से लगा सबसे बड़ा राज्य (क्षेत्रफल )- मध्यप्रदेश 
✔छग से सीमा से लगा सबसे छोटा राज्य (क्षेत्रफल )- झारखण्ड 
✔छग की सबसे लम्बी सीमा को स्पर्श करने वाला राज्य - ओडिशा 
✔छग की सीमा को सबसे कम स्पर्श करने वाला राज्य - आन्ध्र प्रदेश 
✔छग के जिले  जो 3 राज्यों को स्पर्श करता है -
  • सुकमा - ओडिशा ,तेलंगाना ,आन्ध्र प्रदेश 
  • बलरामपुर - मध्य प्रदेश ,उत्तर प्रदेश ,झारखण्ड 
✔छग के जिले जो 2 राज्यों को स्पर्श करता है -
  • जशपुर - ओडिशा ,झारखण्ड .
  • राजनंद गाँव - मध्य प्रदेश ,महाराष्ट्र 
  • बीजापुर - तेलंगना , महाराष्ट्र 
छग की सीमा से लगे राज्य एवं उनकी दिशा -
  • पूर्व - ओडिशा 
  • पश्चिम - महाराष्ट्र 
  • उत्तर - उत्तर प्रदेश 
  • दक्षिण - आन्ध्र प्रदेश 
  • पश्चिम उत्तर - मध्य प्रदेश 
  • दक्षिण पश्चिम - तेलंगना 
✔छग का सबसे पूर्ववर्ती जिले - जशपुर 
✔छग का सबसे पश्चिमी जिले - बीजापुर 
✔छग का सबसे उत्तरी जिले - बलरामपुर 
✔छग का सबसे दक्षिणी जिला - सुकमा 

छग के भू आवेष्ठित जिला -
  • सरगुजा 
  • कोरबा 
  • जांजगीर चंपा 
  • बलौदाबाजार 
  • रायपुर 
  • बेमेतरा 
  • दुर्ग 
  • बालोद 
  • दंतेवाडा 
  • बिलासपुर 


छग सामान्य ज्ञान || पर्यटन स्थल

 भैसादरहा  (मगरमच्छों का शरणस्थल) - यह छत्तीसगढ़ के  बस्तर जिले में स्थित मगरमच्छो का शरणस्थल है। यह कांगेर नदी में स्थित है जिसमे प्राकृतिक रूप से मगरमच्छ निवास करते हुए पाए जाते है। 


मुरूमवाड़ा (मगरमच्छों का शरणस्थल) - यह छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में स्थित जगह है। जहाँ पर जाटलूर नदी में  मगरमच्छ पाए जाते है। 


लेमरू एलीफेंट रिज़र्व - यह छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 1995 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में हाथियों के संरक्षण के लिए प्रस्तावित क्षेत्र है। 


तितली पार्क -  यह छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के कांगेर घाटी क्षेत्र में प्रस्तावित है। 


कुटुंबसर की गुफा || छग सामान्य ज्ञान

 कुटुमसर गुफा (बस्तर) - छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के कांगेर घाटी क्षेत्र में कुटुमसर गुफा स्थित है। जो जगदलपुर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह काफी लंबी गुफा है। जो सभी शाखाओं को मिलाकर 330 मीटर लंबी है। यह गुफा जमीन से नीचे गहराई में स्थित है।  इसके निचले क्षेत्रों में पानी भरा हुआ है। जिसमे विशेष प्रजाति की मछलियां पायी गयी है जो अंधी होती है। इन मछलियों को केंपीओला शंकराई (Campiola shankarai) नाम दिया गया है। गुफा के आंतरिक क्षेत्र के अंधकार में लंबे समय से निवास करने के कारण इन मछलियों में अंधापन आ गया है। 

कुटुमसर गुफा की ऊपरी छत से लटकती हुई विशेष प्रकार की संरचनाये देखने को मिलती है जिन्हें स्टेलेगटाईट (Stalactite) कहा जाता है। ये छत से टपकते हुए पानी के मिनरल के जमने के कारण बने है।  गुफा की निचली सतह पर भी स्टेलेगमाईट (Stalagmite) नामक संरचनाये पायी जाती है । इस गुफा की खोज 1958 में  शोधकर्ता डॉ शंकर तिवारी जी ने की थी। 


कोटमी सुनार || छग

 कोटमी सोनार - (Kotami sonar) - यह जांजगीर चाँपा जिले के अकलतरा विकासखंड  में स्थित एक जगह है। यहाँ पर एक तालाब में सरकार के द्वारा  मगरमच्छो का संरक्षण किया जा रहा है। इस तालाब का नाम मुड़ा तालाब है। वर्तमान में इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर दिया गया है। यहा पर लगभग 500 से ज्यादा मगरमच्छ निवास करते है। यह बड़े आकार का एक तालाब है। यदि आस पास कही और मगरमच्छ मिलते है तो उन्हें पकड़कर इसी तालाब में लाकर संरक्षण किया जाता है। बिलासपुर से लगभग 30 किलोमीटर और अकलतरा से लगभग 7 किलोमीटर  की दूरी पर यह जगह है। घूमने के लिए यहाँ 20 रुपये प्रवेश शुल्क लिया जाता है। सोमवार को यह क्रोकोडाइल पार्क बंद रहता है।



बायोस्फियर रिज़र्व छग

 अचानकमार अमरकंटक बायोस्फियर रिज़र्व (Achanakamar - amarkantak Biosphere reserve) - यह छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्यो में फैला हुआ है। छत्तीसगढ़ का अचानकमार अभ्यारण्य और अमरकंटक का क्षेत्र  इसी बायोस्फियर के अंतर्गत आता है। छत्तीसगढ़ के मुंगेली  जिले  में यह फैला हुआ है जबकि मध्य प्रदेश के अनूपपुर और डिंडौरी जिले में फैला हुआ है । यह लगभग 3835 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है। इसमे 551 वर्ग किलोमीटर कोर एरिया है जिसमे मानवीय गतिविधियां प्रतिबंधित होती है। लगभग 1955 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र बफर जोन में आता है इसमे मानवीय गतिविधियों की कुछ हद तक अनुमति होती है।   इसके अलावा लगभग 1328 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र संक्रमण एरिया में आता है इसमे मानवीय गतिविधियों की अनुमति होती है। जो देश का 14 वें क्रम का बायोस्फियर रिज़र्व है। इसकी स्थापना 2005 में हुई है। 

अचानकमार अमरकंटक बायोस्फियर रिज़र्व का 2610 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र छत्तीसगढ़ में है। सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला के मैकल रेंज के विस्तार इस बायोस्फियर रिज़र्व क्षेत्र में है। नर्मदा , सोननदी और मनियारी नदी इस बायोस्फियर रिज़र्व से निकलती है। नर्मदा और सोन नदी अमरकंटक क्षेत्र से निकलती है जबकि मनियारी नदी अचानकमार अभ्यारण्य क्षेत्र से निकलती है।

छग सामान्य ज्ञान || अभ्यारण

छत्तीसगढ़ के अभ्यारण्य ( Wild life Sanctuaries in Chhattisgarh




1. सीतानदी अभ्यारण्य -  छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित यह छत्तीसगढ़ का  पहला अभ्यारण्य है जिसकी स्थापना 1974 में की गई थी। अर्थात यह छत्तीसगढ़ का सबसे प्राचीनतम अभ्यारण्य है। यह 559 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। छत्तीसगढ़ का दूसरा बड़ा अभ्यारण्य है। सर्वाधिक तेंदुआ इसी अभ्यारण्य में पाए जाते है। 2006 में सीतानदी और उदयन्ती अभ्यारण्य में एक साथ प्रोजेक्ट टाइगर प्रारम्भ किया गया था। जिसके आधार पर 3 वर्ष बाद 2009 में टाइगर रिज़र्व बना दिया गया है।


2. अचानकमार अभ्यारण्य - यह छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1975 में कई गई थी। सर्वाधिक बाघ अचानकमार अभ्यारण्य में ही पाए जाते है। यह 552 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। क्षेत्रफल के आधार पर  छत्तीसगढ़ का तीसरा बड़ा अभ्यारण्य है। 2006 में इसमे प्रोजेक्ट टाइगर प्रारम्भ किया गया। इसके आधार पर  3 वर्ष बाद 2009 में टाइगर रिज़र्व बना दिया गया है। इस अभ्यारण्य के मध्य से मनियारी नदी बहती है।


3. गोमर्दा अभ्यारण्य - यह छत्तीसगढ़ के रायगढ़  जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1975 में कई गई थी। यह 278 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। सोन कुत्ता इस अभ्यारण्य में पाया गया है। 


4. बादलखोल अभ्यारण्य - यह छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1975 में कई गई थी। यह 105 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। यह छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा अभ्यारण्य है।


5. बारनवापारा अभ्यारण्य - यह छत्तीसगढ़ के महासमुंद और बलौदाबाजार  जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1976 में कई गई थी। यह 245 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। इस अभ्यारण्य से होकर बलमदेई नदी बहती है जो सात देवधारा नामक जलप्रपात का निर्माण करती है। यहाँ वनभैसे लाये जा रहे है। इसी अभ्यारण्य में तुरतुरिया आश्रम स्थित है जो महर्षि बाल्मीकि से संबंधित है। यह भगवान राम के पुत्रों  लव - कुश का जन्म स्थल माना जाता है। तुरतुरिया आश्रम बलौदाबाजार जिले में स्थित है।


6. तमोरपिंगला अभ्यारण्य - यह छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1978 में कई गई थी। यह 608 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। यह छत्तीसगढ़ का क्षेत्रफल के आधार पर  सबसे बड़ा अभ्यारण्य है। इसमे सर्वाधिक नीलगाय पाई जाती है।


7. सेमरसोत अभ्यारण्य - यह छत्तीसगढ़ के बलरामपुर  जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1978 में कई गई थी। यह 430 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है।  वन्य जीवों में नीलगाय पाई जाती है।


8. उदन्ती अभ्यारण्य -  यह छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1983  में कई गई थी। यह 230  वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। 2006 में सीतानदी और उदयन्ती अभ्यारण्य में एक साथ प्रोजेक्ट टाइगर प्रारम्भ किया गया था। जिसके आधार पर 3 वर्ष बाद 2009 में टाइगर रिज़र्व बना दिया गया है।  सर्वाधिक वनभैंसे पाए जाते है। इसके अलावा मोर, मूषक हिरण और काला तेंदुआ भी पाया जाता है। उदन्ती नदी इस अभ्यारण्य से होकर गुजरती है। दीपआशा नाम के मादा वनभैंसे का जन्म यही हुआ है।


9. भैरमगढ़ अभ्यारण्य -  यह छत्तीसगढ़ के बीजापुर  जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1983  में कई गई थी। यह 139  वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। 

10. पामेड़ अभ्यारण्य -   यह छत्तीसगढ़ के बीजापुर  जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 1983  में कई गई थी। यह 265  वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। 


11. भोरमदेव अभ्यारण्य - (नवीनतम)  यह छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा)  जिले में स्थित है। इसकी स्थापना 2001  में कई गई थी। यह 163  वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में फैला हुआ है। यह छत्तीसगढ़ का सबसे नया अभ्यारण्य है। भोरमदेव मंदिर इसी क्षेत्र में स्थित है जिसे छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहा जाता है।

  













छग सामान्य ज्ञान || राष्ट्रीय उद्यान

 राष्ट्रीय उद्यान :- वह क्षेत्र जहां वन जीव जंतुओं को औपचारिक रूप से संरक्षित किया जाता है इस चित्र में आम आदमी को बिना अनुमति के प्रवेश वर्जित होता है



छत्तीसगढ़ में प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान निम्न है:-

छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय उद्यान ( National park of Chhattisgarh)

1. इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान (Indrawati National Park) - यह छत्तीसगढ़ का सबसे प्राचीनतम राष्ट्रीय उद्यान है। जिसकी स्थापना 1978 में की गई थी। वर्तमान में यह बीजापुर जिले के अंतर्गत आता है। इसके अंतर्गत 1258 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र आरक्षित किया गया है।  इसमें 1983 में प्रोजेक्ट टाइगर प्रारम्भ किया गया था। 2009 में इसे टाइगर रिज़र्व बना दिया गया है। इंद्रावती नदी इस राष्ट्रीय उद्यान से गुजरती है इसलिए इसका नाम इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान पड़ा है।


2.  गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान (Guru Ghasidas National Park) - छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला यह दूसरा राष्ट्रीय उद्यान है। यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है।  इसकी स्थापना 1981 में अविभाजित मध्यप्रदेश में हुई थी। तब इसका नाम संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान था। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद इसका नाम बदलकर गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान का दिया गया। इसके अंतर्गत 1441 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आरक्षित किया गया है, जो कोरिया और सूरजपुर जिले के अंतर्गत आता है। इस राष्ट्रीय उद्यान में बाघ और तेंदुआ जैसे मांसाहारी जंगली जानवर पाए जाते है। 

शाकाहारी जानवरो में नीलगाय और सांभर प्रमुख है।


3. कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान ( Kanger Valley National Park) - छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान है। इसके अंतर्गत 200 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र आरक्षित किया गया है। इसकी स्थापना 1982 में की गई थी। इस राष्ट्रीय उद्यान में उड़न गिलहरी और रिशस बंदर विशेष आकर्षण है। यह राष्ट्रीय उद्यान बस्तर जिले में स्थित है। इस राष्ट्रीय उद्यान में भैसादरहा नामक स्थान है जहाँ पर मगरमच्छ पाए जाते है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में कुटुमसर गुफा भी स्थित है जिसमे स्टेलेगटाइट और स्टेलेगमाईट जैसी संरचनाये पाई जाती है। स्टेलेगटाइट गुफा की ऊपरी दीवाल पर लटकती हुई संरचनाये है जो टपकते हुए पानी मे मिनरल के जमाव के कारण बनी है।  स्टेलेगमाईट गुफा की निचली सतह पर बनी संरचनाये है। कुटुमसर गुफा में एक विशेष प्रजाति की मछली भी पाई जाती है जो अंधी होती है। कांगेर घाटी को 1982 में बायोस्फियर रिज़र्व भी घोषित किया गया था, जो एशिया में प्रथम बायोस्फियर रिज़र्व था। परंतु वर्तमान में यह बायोस्फियर रिज़र्व नही है।

छग की जलवायु

किसी स्थान विशेष की वायुमंडलीय दशाओं -ताप,वर्षा एवं आर्द्रता में परिवर्तन अल्पकालिक अवस्था को मौसम कहते हैं,जबकि दीर्घकालिक मौसम की औसत अवस्था को जलवायु कहते हैं ।

छत्तीसगढ़ की जलवायु मुख्यतः उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु है। छत्तीसगढ़ की जलवायु उत्तर से लेकर दक्षिण तक काफी विविधता ग्रीष्म ऋतु में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है, जबकि शीत ऋतु में 0 डिग्री से भी तापमान कम हो जाता है। यदि वर्षा की बात करें तो कुछ इलाके ऐसे हैं जहां वर्षा 200 सेंटीमीटर तक होती हैं जबकि कुछ क्षेत्रों में 50 सेंटीमीटर से भी कम वर्षा होती है ।

छत्तीसगढ़ की जलवायु को निर्धारित करने वाले कारक


अक्षांश रेखा :- अक्षांश रेखा सूर्य के किरणों के तापमान का वितरण बताता है, इसी की मदद से यह जान सकते हैं की कौन सा क्षेत्र गर्म ,ठंडा या दोनों होगा ।अक्षांश रेखा 23:30 अंश जिसे कर्क रेखा कहते हैं, छत्तीसगढ़ के कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिले से होकर गुजरती है। इस कारण इस रेखा के उत्तरी भाग उपोष्णकटिबंधीय जबकि दक्षिणी भाग उष्णकटिबंधीय होता है।

तापमान:- तापमान जलवायु को निर्धारित करने वाला प्रमुख घटकों में से एक हैं। छत्तीसगढ़ में तापमान का वितरण  असमान है ।छत्तीसगढ़ का औसत वार्षिक तापमान 20 से 32 डिग्री होता है सर्वाधिक गर्म स्थान चांपा और रायगढ़ है जबकि सबसे अधिक ठंडा स्थान मैनपाट है ,जहां 0 से कम डिग्री का तापमान होता है।

वर्षा :- छत्तीसगढ़ में दक्षिण पश्चिम मानसून से वर्षा 15 जून के आस पास प्रवेश करती है । राज्य के कुल वर्षा का 90% भाग बंगाल की खाड़ी के मानसून से होता है शेष 10% अरब सागर के मानसून से होता है ।छग में औसत वर्षा 150 सेमी. के आस पास होती है ।

छग में वर्षा का वितरण


छग में वर्षा का वितरण असमान है । उत्तर पूर्वी पहाड़ी और बस्तर के पठार क्षेत्र में छग के मैदान को अपेक्षा अधिक वर्षा होती है ।

  • 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्र :- छग के दंतेवाड़ा,सुकमा,बीजापुर, नारायणपुर जिला के कुछ इलाके में 200 सेमी से अधिक वर्षा होती है ।छग के अबूझमाड़ की पहाड़ी में सर्वाधिक वर्षा होती है ।


  • छग के 100-200 सेमी तक वर्षा वाले क्षेत्र :- जशपुर,बलरामपुर,सूरजपुर,सरगुजा,कोरिया,रायगढ़,जांजगीर चम्पा,कांकेर,बिलासपुर,मुंगेली,राजनंदगांव,कांकेर,धमतरी,गरियाबंद,कोंडागांव,बस्तर,सुकमा,बीजापुर,नारायणपुर ।


  • 100सेमी से कम वर्षा वाले क्षेत्र :- छग के मैदानी इलाके के अधिकतर भाग में 100 सेमी से कम वर्षा होती है। जैसे कवर्धा,रायपुर,बलौदाबाजार,बालोद,दुर्ग,बेमेतरा,राजनंद गांव,धमतरी और गरियाबंद । छग के कवर्धा में सबसे न्यूनतम वर्षा होती है ।
स्रोत :- मौसम विज्ञान विभाग,भारत सरकार



छग के जलवायु का वर्गीकरण 


छग के जलवायु को मुख्य रूप से तीन भाग में बाँट सकते है -

1. उष्णकटिबंधीय मानसून (Am) - छग के उस भाग में जहाँ तापमान अधिक और वर्षा सर्वाधिक होती है वहां इस प्रकार की जलवायु पाई जाती है । जैसे - दंतेवाड़ा के बैलाडीला की पहाड़ी इलाका । 

2.उष्णकटिबंधीय सवाना जलवायु(Aw) :- उस भाग में जहाँ तापमान अधिक किन्तु वर्षा 100 सेमी से भी कम होती है । जैसे - छग का मैदानी इलाका ।

3.उपोष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु(Cwa) :- जहाँ ग्रीष्म ऋतु गर्म और शीत ऋतु हल्की एवं शुष्क हो वहां इस प्रकार की जलवायु पाई जाती है ।जैसे छग के उत्तर पूर्वी पहाड़ी इलाक़ा ।
स्रोत:- भारत मौसम विज्ञान विभाग,भारत सरकार


छग की ऋतुऐं 



छग की ऋतुओं को मुख्य रूप से तीन भाग में बाँट सकते है - 

1. ग्रीष्म ऋतु -16 फ़रवरी से 15 जून तक
2.वर्षा ऋतु - 16 जून से 15 अक्टूबर तक
3. शीत ऋतु - 16 अक्टूबर से 15 फ़रवरी तक

 स्मरणीय तथ्य :- 


👉 छग में औसत वर्षा 120-150 सेमी 
👉 सवार्धिक वर्षा - अबूझमाड़ की पहाड़ी और न्यूनतम - कवर्धा 
👉छग में वर्षा - दक्षिण पश्चिम मानसून से 
👉छग के कुल वर्षा का 90% बंगाल की खाड़ी के दक्षिण पश्चिम मानसून से और शेष अरब सागर से ।
👉छग की जलवायु  उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु है ।
👉छग की औसत तापमान 20 से 32 डिग्री है ।
👉सर्वाधिक गर्म स्थान - चम्पा और न्यूनतम तापमान - मैनपाट